जानिये इस वर्ष 2019 में कब है गणेश चतुर्थी “मुहूर्त में करे गणेश जी की पूजा”

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ganesh chaturthi 2019

जानिये इस वर्ष 2019 में कब है गणेश चतुर्थी “मुहूर्त में करे गणेश जी की पूजा”

हम आपको बताने जा रहे हैं, गणेश चतुर्थी के बारे में यह क्या है और क्यों मनाया जाता है यह हमारे हिंदू धर्म के त्योहारों में से एक है, जिसे हम हर वर्ष बड़े खुशियो से मनाते हैं। इस दिन भगवान श्री गणेश जी की पूजा बड़े ही धूमधाम से की जाती है।

गणेश चतुर्थी की पूजा लोग एक साथ मिलकर करते हैं आइए जानें गणेश जी की पूजा विधि विधान , शुभ मुहूर्त, और गणेश चतुर्थी की महत्व क्या है।

गणेश चतुर्थी क्या है :- Ganesh chaturthi kya hai 

गणेश चतुर्थी हमारे हिन्दुओ की त्योहारों में से एक त्यौहार है जो कि हर वर्ष मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी हमारे भारत में सबसे अधिक महाराष्ट्र में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी की इस पूजा को देखने के लिये लोग दूर – दूर से महाराष्ट्र  जाते है । गणेश चतुर्थी को महाराष्ट्र के लोग बड़े धूमधाम से मनाते हैं ,इस दिन गणेश जी की प्रतिमा  को एक जगह स्थापित किया जाता है।और वहां 9 दिन पूजा की जाती है उसके बाद दसवें दिन उनकी मूर्ति को गंगा जी में समर्पित किया जाता है। पुराणों के अनुसार इस दिन गणेश जी का जन्म हुआ था।तभी से यह गणेश चतुर्थी मनाया जाने लगा। इसको गणेश जयंती के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि गणेश जी को मां पार्वती अपने उपटन से बनाई थी।

गणेश चतुर्थी क्यों मनाया जाता है:- Ganesh chaturthi kyo manai jati hai in hindi 

गणेश चतुर्थी हर वर्ष बड़े उल्लास पूर्वक हर वर्ष मनाया जाने वाला एक त्यौहार है । गणेश जी  का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ था। जिसे हम हर वर्ष गणेश जी की जन्मदिन के रूप में मनाते हैं । हर शुभ कार्य में पूजा किया जाता है, और सभी देवताओं के पहले श्री गणेश जी की पूजा की जाती है, भगवान श्री गणेश जी को विघ्नहर्ता कष्टहर्ता , समृद्धि बढ़ाने वाले, बुद्धि देने वाले , प्रसन्न रखने वाले कहे जाते है।

इस वर्ष  गणेश चतुर्दशी कब मनाया जायेगा , और शुभ मुहूर्त  – Ganesh chaturthi muhurat 2019  & Date

इस बार गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी का त्यौहार 2 सितंबर, सोमवार 2019 को देश-विदेश में रहने वाले हिन्दू लोगों द्वारा मनाया जाएगा। यह शुक्ल चतुर्थी (चौथा चंद्र दिवस) पर भाद्रप्रदा के महीने में हर साल पडती है और अनंत चतुर्दशी (चौदहवें चंद्र दिवस) पर समाप्त होती है।

इस वर्ष गणेश चतुर्थी इस वर्ष गणेश चतुर्थी
 दिन   सोमवार
शुभ मुहूर्त का समय मध्याह्न ,सुबह 11:00 बजे से  दोपहर  1:41  तक रहेगा ।
चतुर्थी का मुहूर्त आरम्भ सुबह 4:56 से
चतुर्थी का मुहुर्त समाप्ति रात 1:53  तक   रहेगा।

 

गणेश चतुर्थी से संबंधित कहानी :- Ganesh chaturthi kahani  in hindi 2019

कहा जाता है कि माता पार्वती जब अपनी स्नान गृह में स्नान करने जा रही थी। तो उन्होंने श्री गणेश जी को बनाकर दरवाजे पर खड़ा करके उनसे यह बोली की कोई भी आए तो उसे अंदर मत आने देना मैं नहाने जा रही हूं श्री गणेश उस दरवाजे पर खड़े होकर पहरेदार के रूप में रखवाली कर रहे थे।

तो इसी बीच भगवान शंकर जी आये और अंदर जाने लगे तो श्री गणेश ने देखा और उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया।भगवान शंकर क्रोधित हो उठे और बोले की तुम जानते नहीं मैं कौन हूं मैं पार्वती जी का पति हूं। और तुम मुझे अंदर जाने से मना कर रहे हो ,तो गणेश बोले आप चाहे जो हो मैं नही जाने दूंगा तो शंकर जी क्रोधित होने लगे लेकिन श्री गणेश अपने माता के कहे हुए वचन का पालन किया और शंकर जी को अंदर नहीं जाने दिया तब शंकर जी क्रोधित होकर गणेश जी का सर धड़ से अलग कर दिये।

कुछ समय बाद माता पार्वती क्रोधित होकर शंकर जी से बोली कि ये मेरा पुत्र था।इसे मैं अपने शरीर के उपटन से बनाई थी मुझे मेरा पुत्र जीवित वापस चाहिए। तब शंकर जी ने नंदी और अपने सैनिकों से बोला कि जाओ जो माँ अपने पुत्र की तरफ पीठ करके बैठी होगी उसी का सर लेकर आना। वो लोग जा रहे थे, तो उन्हें एक हाथी दिखी जो अपने बच्चे के साथ बैठी थी, और वह अपनी मुख किसी दूसरे तरफ की हुई थी

उसे देखकर उसके बेटे के सर को काटकर लेकर आ गए तो शंकर जी , गणेश जी के धड़ से लगाकर उन्हें जीवित कर दिया। गणेश जी जीवित हो गए और माँ पार्वती बहुत प्रशन्न होकर उनका नाम गणेश रख दी। तभी से उन्हें गणेश के नाम से जाना जाता है।


गणेश चतुर्थी का महत्व :- Ganesh chaturthi ka mahatva in hindi 2019

हमारे यहां हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी बहुत अधिक प्रचलित  त्योहार है ।इसका महत्व महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा होता है ।

सबसे अधिक और धूमधाम से महाराष्ट्र में ही मनाया जाता है। गणेश जी की पूजा को लोग पूरे भारत मे मनाते है इन्हें लोग  विघ्नेश्वरगणेश , कष्टहरता,  सिद्धि विनायक ,ज्ञानदाता आदि नामों से जाने जाते है।


गणेश चतुर्थी व्रत  :- Ganesh chaturthi vrat 2019

इस व्रत को रखने से गणेश जी प्रशन्न होकर हमारे हर इच्छा को पूरा करते है, तथा हमे किसी भी प्रकार की संकट हो और जब हम उन्हें याद करते है तो वो हमारे कार्य को जल्द ही पूरा कर देते है।  इस लिए गणेश जी को दयालु और प्रशन्नचित्त कहा जाता  है।

पूजा करने की विधि :- Ganesh chaturthi puja vidhi in hindi 2019

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भगवान गणेश जी की पूजा “16 उपचारो से वैदिक मंत्रों के जाप” से की जाती है। भगवान गणेश की 16 उपचारों से की जाने वाली पूजा को “षोडशोपचार पूजा” कहते है। इस पूजा को “विनायक चतुर्थी” पूजा भी कहा जाता है। इस दिन गनेश जी की प्रतिमा घर मे लाकर उसे साफ लाल कपड़े में लपेटकर रखे।इसके बाद पूजा की सभी सामग्री- कपूर ,घी, रोरी,अगरबत्ती, रक्षा,पुष्प ,मोदक के लड्डू आदि को लाये और पूजा आरम्भ करे ,पूजा करते समय गणेश जी के मन्त्र

गं गणपतए नमः” का जाप 108 बार करना चाहिए इससे  विशेष समृद्धि प्राप्त होती है और गदेश जी की पूजा करते समय माँ पार्वती, शिव जी , कार्तिकेय सहित  पूजा साथ मे करना चाहिए। गणेश जी को मोदक के लड्डू अति प्रिय है इस लिए इन्हें लड्डू का भोग जरूर लगाया जाता है। इनके पूजा करने के बाद सभी देवताओं का नाम लेकर अर्चना करनी चाहिए, और सभी देवताओं को भोग लगाएं। तब सबकी अनुकम्पा से समृद्धि प्राप्त होती है।

 

-: गणेश जी की आरती  :- Ganesh chaturthi aarti 2019 :- 

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,

माता जाति पार्वती पिता महादेवा।

 एक दंत दयावंत चार भुजा धारी,

माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।

हार चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा,

लड्डू को भोग लगे संत  करें सेवा ।

अंधन को आंख देत कोढ़िन को काया ,

 जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।

 माता जाकी पार्वती पिता महादेवा……..

……..।।

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