जानिए इस वर्ष 2019 में कब है कृष्ण जन्माष्टमी “मुहूर्त में करे कान्हा जी की पूजा”

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shri krishna janmashtami 2019 date

जानिए इस वर्ष 2019 में कब है कृष्ण जन्माष्टमी “मुहूर्त में करे कान्हा जी की पूजा” shri krishna janmashtami 2019 date

आइये जाने  कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में 

shri krishna janmashtami 2019 date

इस त्योहार को लोग बड़े ही प्रशन्नता पूर्वक मनाते है , ये जन्माष्टमी कृष्ण जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है जीसे हम विभिन्न नमो से जानते है। जैसे – कृष्ण जयंती , अष्टमी, कृष्ण का जन्मदिन , कृष्ण जन्माष्टमी आदि नमो से जाना जाता है।
इस दिन लोग वृन्दावन , मथुरा आदि स्थानों पर भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए जाते है। इस दिन मटकाफोड़ कार्यक्रम होता है और उस मटकी में फल और मिठाइयां ,पैसे रखे जाते है इसको फोड़ने वाले को इनाम दिया जाता है।

ये श्री कृष्ण जन्माष्टमी  केवल भारत मे ही नही बल्कि और देशो में भी मनाया जाता है। इसका प्रचलन बहुत ही ज्यादा है। इसको मनाने के लिए  हमारे यहां सब एक साथ इकठ्ठे होकर मनाते है।

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त 2019 24 अगस्त शनिवार:- shri krishna janmashtami muhurat in hindi

निश्चित पूजा 00:45
पूजा आरम्भ 05:01 (24 अगस्त) सूर्योदय के पश्चात
रोहिणी नक्षत्र समाप्त सूर्योदय से पहले
अष्टमी तिथि आरम्भ 08:08 (23 अगस्त)
अष्टमी तिथि समाप्त 08:31 (24 अगस्त)

 

जन्माष्टमी क्यो मनाया जाता  है :- shri krishna janmashtami kyu manaya jata hai in hindi 

भगवान विष्णु ने राजा कंश की अत्याचारो से परेशान होकर  राजा कंश का विनाश करने के लिए  वो श्री कृष्ण जी के रूप में अवतार लेते है। और कृष्ण का जन्म मथुरा में सावन माह के  कृष्ण पक्ष में रोहिणी नक्षत्र में  हुआ था इस लिए कृष्ण का जन्म दिवस हर वर्ष बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है ।

इतना ही नही हर वर्ष मथुरा में कृष्ण जन्माष्टमी को मथुरा को सजाया जाता है और वहां पर लोग कृष्ण के सभी   बाललीलाओ , व रासलीलाओ, और वहां के लोगो के घरों में जाकर कैसे दूध और दधि को चुराया करते थे इन सब लीलाओ  को भी दिखाया जाता है , की वो पहले कैसे रहते थे , अपने मित्रों के साथ वो गोपियो को कैसे परेशान किया करते थे। और ये दृश्य देखने के लिये बहुत दूर- दूर से लोग मथुरा , वृन्दावन जाते  है , वहां पर जाकर  ये सब देखने में बड़ा ही मनभावन लगता है ।


कब हुआ श्री कृष्ण जी का जन्म:- shri krishna ka janam kab hua tha in hindi

कृष्ण जी का जन्म सावन माह में भाद्र पद में कृष्ण पक्ष के रिहिणी नक्षत्र में  आधी रात को 12:00 बजे  हुआ था ।


श्री कृष्णजन्माष्टमी की पूजा विधि : – krishna janmashtami puja vidhi in hindi

जन्माष्टमी के दिन सबसे पहले श्री कृष्ण जी को दूध से ,फिर दही से, फिर घी से, फिर,शहद से नहलाया जाता है। और फिर उनको नए वस्त्र धारण कराये जाते हैं,फिर उनको बेल के बने कुर्सी पर बैठाया जाता है ।और फिर सभी देवताओं को मिठाइयों का भोग लगाया जाता है,उसके बाद उस मिठाई को लोगों में प्रसाद के रूप में बांट दिया जाता है। फिर उसके बाद एक खीरे को साफ स्वच्छ धोकर , उसको बीचो-बीच  फाड़कर रख दिया जाता है। और फिर जब रात 12 बजता  हैं तो लोग श्री कृष्ण के जन्म पर गीत गाना प्रारंभ करते हैं । उसके बाद पूजा संपन्न की जाती है तब उपवास रखने वाले लोग प्रसाद कहकर अपना व्रत तोड़ते हैं।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का ब्रत:- krishna janmashtami vrat in hindi 

इस ब्रत को  लोग निराहार ब्रत , या फल खाकर या फिर फलहारी ब्रत भी रहते है । इस ब्रत को रखने से माखन चोर गोपाला जी हमारे मन की कामना पूर्ण करते है ,ये ब्रत केवल सुबह से 12 रात तक ही रखी जाती है उसके बाद लोग प्रशाद खाकर ब्रत  को तोड़ते है।

कहा जाता है की जो लोग इस ब्रत को नही रखते है वो लोग अगले जनम में जंगल मे सर्प बनकर घूमेंगे। ऐसा गीता नामक प्राचीन  पुस्तक में लिखा गया है।

दही की मटकी फोड़ना :- krishna janmashtami dahi handi in hindi 

shri krishna janmashtami 2019 date

दही की मटकी पूजा समाप्त होने के बाद  ही तोड़ा जाता है , इसे फोड़ने का कार्यक्रम दिन होता है। मटकी को कुछ उचाई पे रस्सी से बांध दिया जाता है और मटकी को सजाया जाता है और  मटकी में दधि और फल से भर दिया जाता है और पीर लड़को की टोली अति है  रंग बिरंगे कपड़े पहन कर  उसे पिरामिड बनाकर तोड़ने की कोशिश करते है । जब पहुच जाते है तो लोग उन पर पानी या रंग घोलकर डालते है जिससे वो गिर जाते है ये  खेल देखने मे बड़ा ही आनन्द आता है ।और जो तोड़ लेता है उसे उसमे रखे फल व पैसे इनाम के रूप में  दिए जाते है।

इस खेल का कारण 

ये खेल इस लिए खेला जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण  जब छोटे थे तो वो अपने मित्रों के साथ मिलकर सबके घरो में से दूध व दही  इसी प्रकार चुराकर अपने मित्रों को खिलाते थे और खुद भी खाया करते थे। किसी को पता भी नही चलता था।

इसी लिए ये खेल हर वर्ष खेल जाता है।

श्री कृष्ण जी के कुछ मंदिरों के नाम :- krishna ji mandir

वृंदावन में श्री कृष्ण जी के मंदिर भी बनाए गए हैं। जैसे –  मदन मोहन राधारमण मंदिर, राधाबल्लभ मंदिर , गोविंद देव मंदिर , राधा दामोदर मंदिर , आदि है। और गोकुल वह मंदिर है जहां भगवान श्री कृष्ण अपने बचपन के दिन बिताए थे।

यह पर लोग भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए आते  रहते है ।

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व:- krishna janmashtami ka mahatva

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उद्देश्य केवल पूजा करना ही नही है ,बल्कि एक दूसरे के प्रति प्रेंम व्यवहार बनाये रखना है । क्योंकि इस पूजन में लोग एक साथ समाहित होते है और इसमें एकता को भी दिखाया गया है।

लोग जहा भी पूजा करते है ,वहां उस पूरे गांव के लोग आते है कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने  के लिए। क्योंकि इस पूजा में जितने अधिक लोग रहते है उतना ही अच्छा लगता है।इस पूजा को करने से लोगो के बीच की दूरियां मिटती है । और हम बहुत हि खुशी से इस त्योहार को मनाते है।

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